मोहन एक गरीब लड़का था, जो एक छोटे से गाँव में रहता था। उसके माता-पिता बहुत मेहनत करते थे, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। मोहन के पास साधन और पैसे नहीं थे, पर उसके दिल में एक बड़ा सपना था – वह चाहता था कि वह बड़ा आदमी बने और अपने परिवार की गरीबी दूर करे।
मोहन को यह पता था कि अगर उसे अपने सपने पूरे करने हैं, तो उसे कड़ी मेहनत करनी होगी। वह रोज सुबह जल्दी उठता और भगवान से प्रार्थना करता कि उसे ताकत दे। इसके बाद, वह दिनभर छोटी-छोटी नौकरियां करता, जैसे किसी दुकान पर मदद करना या खेतों में काम करना, ताकि वह अपनी पढ़ाई का खर्चा निकाल सके। दिनभर काम करने के बाद, वह रात में देर तक पढ़ाई करता था।
मोहन की कड़ी मेहनत का असर उसकी पढ़ाई में दिखने लगा। स्कूल में उसके अच्छे नंबर आने लगे, और उसके शिक्षक उसकी लगन को देखकर खुश हुए। उसके पास न किताबें थीं, न ही पढ़ाई के लिए अच्छे साधन, फिर भी वह हर बार अच्छा प्रदर्शन करता था। उसके दोस्त अच्छे कपड़े पहनते थे और सुविधाएं रखते थे, लेकिन मोहन सिर्फ अपनी मेहनत पर ध्यान देता था।
स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद, मोहन के शिक्षक ने उसकी मदद की और उसे एक स्कॉलरशिप दिलवाई, जिससे वह शहर के एक अच्छे कॉलेज में पढ़ने जा सका। कॉलेज में भी मोहन ने वही मेहनत और लगन दिखाई। उसने पार्ट-टाइम नौकरियां कीं और अपनी पढ़ाई जारी रखी। शहर की चमक-दमक और बड़ी बिल्डिंगों ने उसे प्रभावित नहीं किया; वह बस अपने सपने के पीछे भागता रहा।
मोहन की मेहनत आखिरकार रंग लाई। उसने अपनी पढ़ाई पूरी की और उसे एक बड़ी कंपनी में नौकरी मिल गई। अब वह अपने परिवार का सहारा बन गया था। उसने अपने माता-पिता के लिए एक नया घर बनवाया और उनकी सारी परेशानियों को दूर कर दिया।
मोहन की कहानी से यह साबित होता है कि अगर आप सच्चे दिल से मेहनत करते हैं, तो कोई भी सपना असंभव नहीं है। गरीबी या मुश्किलें आपकी सफलता की राह में रुकावट नहीं बन सकतीं, बस आपको अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना होगा।
शिक्षा: “कड़ी मेहनत और लगन से सबकुछ हासिल किया जा सकता है। अगर आप सच्ची मेहनत करेंगे, तो सफलता जरूर मिलेगी।”
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